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तीसरी आँख मैडिटेशन – Meditation For Third Eye Opening

किसी भी कार्य को करने के लिए हम अपनी दो आंखों से देखते हैं, लेकिन शिव का तीसरा नेत्र हम में से हर व्यक्ति के पास है। आप सब को ताज्जुब होगा, यह कैसे? तीसरी आँख तो सिर्फ भगवान शिव के पास है, मनुष्यों के शरीर पर तो तीसरी आँख कहीं नजर नहीं आती। मनुष्य की तीसरी आंख तब काम करती है जब उसका मन शांत हो, चित्त स्थिर हो। और वह समय ध्यान का होता है।

आधुनिक मनोविज्ञान और वैज्ञानिक शोध कहती है कि दोनों भौंहों के मध्‍य में एक ग्रंथि है जो शरीर का सबसे रहस्‍यमय अंग है। यह ग्रंथि, जिसे पाइनियल ग्रंथि कहते है। यही तिब्‍बतियों का तृतीय नेत्र है—शिवनेत्र : शिव का, तंत्र का नेत्र। दोनों आंखों के बीच एक तीसरी आँख का अस्‍तित्‍व है, लेकिन साधारणत: वह निष्‍कृय रहती है। उसे खोलने के लिए तुम्‍हें कुछ करना पड़ता है। वह आँख अंधी नहीं है। वह बस बंद है। यह विधि तीसरी आँख को  खोलने के लिए ही है।

लाओत्‍से ने कहा: व्‍यक्‍ति नासाग्र की और देखे।
क्‍यों—क्‍योंकि इससे मदद मिलती है, यह प्रयोग तुम्‍हें तृतीय नेत्र की रेखा पर ले आता है। जब तुम्‍हारी दोनों आंखें नासाग्र पर केंद्रित होती है तो उससे कई बातें होती है। मूल बात यह है कि तुम्‍हारा तृतीय नेत्र नासाग्र की रेखा पर है—कुछ इंच ऊपर, लेकिन उसी रेखा में। और एक बार तुम तृतीय नेत्र की रेखा में आ जाओ तो तृतीय नेत्र का आकर्षण उसका खिंचाव, उसका चुम्‍बकत्‍व रतना शक्‍तिशाली है कि तुम उसकी रेखा में पड़ जाओं तो अपने बावजूद भी तुम उसकी और खींचे चले आओगे। तुम बस ठीक उसकी रेखा में आ जाना है, ताकि तृतीय नेत्र का आकर्षण, गुरुत्वाकर्षण सक्रिय हो जाए। एक बार तुम ठीक उसकी रेखा में आ जाओं तो किसी प्रयास की जरूरत नहीं है।
तंत्र के प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है कि होश तीसरी आँख का भोजन है। वह आँख भूखी है; जन्‍मों-जन्‍मों से भूखी है। यदि तुम उस पर होश को लाओगे तो वह जीवंत हो जाती है। उसे भोजन मिल जाता है। एक बार बस तुम इस कला को जान जाओं। तुम्‍हारा होश स्‍वयं ग्रंथि द्वारा ही चुम्‍बकीय ढंग से खिंचता है। आकर्षित होता है। तो फिर होश को साधना कोई कठिन बात नहीं है। व्‍यक्‍ति को बस ठीक बिंदु जान लेना होता है। तो बस अपनी आंखें बंद करों, दोनों आँखो को भ्रूमध्‍य की और चले जाने दो, और उस बिंदु को अनुभव करो। जब तुम उस बिंदु के समीप आओगे तो अचानक तुम्‍हारी आँख जड़ हो जाएंगी। जब उन्‍हें हिलाना कठिन हो जाए तो जानना कि तुमने ठीक बिंदु को पकड़ लिया है।
यहाँ Third Eye Guided Meditation की ऑडियो है, इसे आप रोज़ सुनिए और जो कहा जाये Follow कीजिये. आपको 11 दिन में त्रितय नेत्र में कुछ Sensation feel होगी.

God Bless You

2 comments

  1. pls tell in hindi third eye meditation

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